Arya Samaj

Arya Samaj is a Society of Noble People, who follow the Veda and try to behave in accordance with the teachings of the Veda

आर्य समाज 

आर्य समाज संपूर्ण रूप से वैदिक ज्ञान पर आधारित है और वेदानुकूल वैदिक साहित्य और सत्य सनातन वैदिक धर्म को ही सर्वोपरि मानता  है. हमारे पूर्वज समस्त ऋषि मुनि, योगी, तपस्वी, विदुषी, मनीषी, महापुरुष राम, कृष्ण, आदि ये सभी भी आर्य थे और यहाँ तक की हमारे सम्पूर्ण इस देश का नाम भी आर्यावर्त था. 

परोपकारिणी सभा क्या है?

परोपकारिणी सभा, महर्षि दयानंद की उत्तराधिकारिणी सभा है. महर्षि दयानंद जी ने अपना धन,  वस्त्र,  पुस्तक, यंत्रालय आदि परोपकारिणी सभा को सौंप दिए थे. इस सभा की स्थापना महर्षि ने की थी,  उन्होंने इस सभा के 3 उद्देश्य रखे थे.

#1  आर्ष साहित्य का प्रकाशन द्वारा प्रसार

#2  विश्व में वैदिक धर्म का प्रचार

#3  दीन अनाथ जनों की रक्षा

वर्तमान उद्देश्य – गुरु महर्षि दयानंद के उद्देश्य को पूर्ण करना.

महर्षि  दयानंद

महर्षि स्वामी दयानंद ने यह प्रतिज्ञा ली थी की आजीवन ब्रह्मचर्य रह कर वेदों का प्रचार जन्म से जाती प्रथा का विरोध, भूतप्रेत, मूर्ति पूजा, पशुबलि, नरबली, सतीप्रथा, गौ हत्या, बालविवाह, दासीप्रथा, आडम्बरो का जीवन पर्यंत विरोध करूँगा तथा जन मानस को अज्ञान अन्धकार से निकल, सृष्टी का संविधान पवित्र वेद वाणी का व्याकरण के अनुसार शुद्ध अर्थ जन जन के सामने रखूंगा !

आर्य समाज बिना किसी जात पात लिंग भेदभाव के समान रूप से सभी आर्य समाज में प्रविष्ट के लिय सदर आमंत्रित करता है. तो आइये सहर्ष आइये और आर्यत्व के गौरव को प्राप्त करके संगठन के रूप में मिलकर अपने प्रयासों से धरातल को स्वर्ग बनाईये और वसुधैव कुटुंबकम की परिभाषा को साकार करे.

" हम बदलेंगे युग बदलेगा 
वेदों की ज्योति जलती रहेगी 
आर्य समाज अमर रहेगा "

जय आर्य ! जय आर्यवर्त !
कृण्वन्तो विश्वमार्यम्